सुनो मान्यवर महोदय सुनो,सरकार के खिलाफ या भगवाधारी:uttarakhand goverment tsr

सुनो मान्यवर महोदय सुनो,सरकार के खिलाफ या भगवाधारी :Uttarakhand Goverment Tsr
हल्द्वानी 17 साल के उत्तराखंड के लिए अगले बीस हज़ार घण्टे आपको बड़े चुनौती दे रहे है, पहले भी हमने कहा था आज भी कह रहे है आपकी सरकार के सात महीने बीत गए 53 बाकि रह गए है,पार्टी के अंदर और बाहर आपको जूझना है,कल बीजेपी के एक साथी ने कहा कि आप एंटी लिख रहे हो हमारा जवाब था कि हम समांतर लिखते है,एंटी नही, आपको ऐसा लगता है तो ये आपका नजरिया है,खैर!

मान्यवर महोदय,स्थापना दिवस पर क्या आप सबसे पहले अपनी घोषणाओं का मनन करेंगे,
दो मेडिकल कॉलेज आपने सेना को दिए जाने को लेकर क्या प्रोग्रेस है?
लोकायुक्त,स्थान्तरण नीति पर क्या प्रोग्रेस है?
हल्द्वानी बाई पास योजना,आईएसबीटी,इंटर नेशनल ज़ू,के बारे में क्या प्रोग्रेस है?कंडी रोड कहाँ तक पहुंची?
आपने कहा था कि तेरह जिलो में तेरह नए पर्यटन स्थल विकसित किये जायेंगे क्या हुआ उसका?
डॉक्टर्स को हम महाराष्ट्र,कर्नाटक से लाएंगे?क्या कुछ हुआ उसमे,आज कहीं छपा कि सरकारी अस्पतालों को अपनी यूजर चार्जेस आय की आधी रकम खर्चने दिया जाएगा,ये दिया जाएगा ऐसा होगा ऐसा करेंगे में लाल फीता शाही महीनों निकाल देती है होता कुछ नही..सोलह सौ डॉक्टर्स की पोस्ट खाली है जनाब,
18 डिग्री कॉलेजो के पास अपनी ज़मीन नही तो इनकी बिल्डिंग कब बनेगी? डिग्री कॉलेज, माध्यमिक शिक्षा जैसे विभागों में पांच हज़ार पद खाली है कब तक भरे जाएंगे?

विश्व विद्यालय ,तकनीकी विश्व विद्यालय,चिकित्सा शिक्षा विद्यालयों के एक्ट नियमावली अभी तक नही बने कब तक बन जाएंगे?ये ऐसे सवाल है जोकि आपने अपने नौकरशाही के कान मरोड़ कर पूछने भर हैं नही तो इन्हें कोई फर्क नही पड़ने वाला,सरकार मुख्यमंत्री आते जाते है इनको कोई हिला नही सकता आप बेशक इन्हें सड़को पर स्कूलों की तरफ दौड़ा दे इनके लिए ये पिकनिक है!
नौकरशाही पर नकेल आपको कसनी है क्यों एक अधिकारी के पास बीस बीस स्टाफ पांच पांच विभागोंकी कारे है?ये फिजूलखर्ची जनता के पैसे से हो रही है कर्जे लेकर तनख्वाह खाने वाले इन अधिकारियों का पहाड़ प्रेम एक दिखावा ही तो है,कुछ मंत्रियों के सुरक्षा स्टाफ को भी कम करने की जरूरत है इन नेताओ को कौन से माफियाओ और अपराधियों से खतरा है?आप ही चिंतन कीजिये,
मान्यवर ,स्थापना दिवस पर आपसे उम्मीदे है कि आप वजीफा घोटाला, खाद्यान घोटाला, जैसे मामलों को खुद मोनिटरिंग करें और उनको सजा दिलवाए,
केंद्र की योजनाओं की क्या स्थिति है?आल वेदर रोड,रेल प्रोजेक्ट अगले बीस हज़ार घण्टो में कहां होंगे?आप को रोजाना मोनेटरिंग करनी होगी?
जमरानी के एमओयू पर क्या प्रोग्रेस है?यूपी के साथ बंटवारा कहाँ पर अटका हुआ है?क्या उत्तराखंड अब अपने तराई के विशाल जलाशयों पर वाटर स्पोर्ट्स शुरू कर सकता है? इनपर क्या पर्यटन विभाग तैरते हाउस बोर्ट्स बना सकता है?
खनन नीति पारदर्शी बनेगी इस पर क्या काम हुआ?गौला नदी नही खुली नवम्बर बीत गया है भावर तराई का आर्थिक चक्र थमा हुआ है और आपकी नौकरशाही को फर्क नही पड़ रहा क्योंकि उन्हें तनख्वाह कर्जे से मिल रही है सरकार की आय से नही, वन विभाग के 6 फारेस्ट डिवीजन खाली पड़े हैक्यों इनपर अधिकारी नही भेजे जा रहे?मंत्री रोज सब्जबाग दिखाते है ऐसा होगा वैसा होगा?सब हवा में..यहां रोपवे बनेगा वहां बनेगा?सब बयानबाजी कर उड़ जा रहे है..
मान्यवर महोदय ,अब चिंतन कर लीजिए,आगे नौकर शाही के पास आचार संहिताओं का बहाना आने वाला है स्थानीय निकाय,फिर ग्राम प्रधानी फिर लोकसभा के चुनाव इन्ही बीस हज़ार घण्टो के बीच होने है।
तय आपको करना है हम एंटी नही लिख रहे हम समांतर लिख रहे है आपको सिर्फ स्मरण करवा रहे है।
दिनेश मानसेरा के फेसबुक वाल से साभार 

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