अश्विन मास के श्राद्ध नवरात्र कल से प्रारंभ

नवरात्र कल से प्रारंभ जैसा कि आप सभी जानते है कि नवरात्रि साल में दो बार मनाई जाती है एक चैत्र माह में जिसे चैत्र नवरात्रि कहा जाता है और दूसरा अश्विन मास में, जिसे शारदीय नवरात्रि कहते है नवरात्रि आते ही लोग पूजा पाठ की तैयारियों में जुट जाते है लेकिन क्या कभी किसी ने सोचा है कि नवरात्रि की शुरुआत कब और कैसे हुई है जब भी शुरुआत हुई तो पहली बार किसने और कैसे पूजा हुई इस बार शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 21 सितंबर से हो रही है यानी की कल से लोग अपने घर में पहले से पूजा की तैयारी करते है सभी चाहते हैं कि शक्ति स्वरूपा माता दुर्गा की पूजा से माता की विशेष कृपा उन पर बनी रहे।

नवरात्रि यानि नौ रातों की पूजा तंत्र विद्या में रात्रि पूजन का विशेष महत्व है ऑर इतना ही नहीं अधिकांश पर्व और त्यौहार रात्रि में मनाए जाते है इसलिए नवरात्रि में नौ दिनों तक रात में मां दुर्गा की पूजा और उपासना करनी चाहिए नवरात्रि में लगातार नौ रात्रियों में पूजन से विशेष अध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है शांत वातावरण को अनिवार्य माना गया है रात्रि काल में शांति रहती है इसलिए ऐसे शांत वातावरण में मां दुर्गा की पूजा, उपासना और मंत्र जाप करने से विशेष लाभ होता है।

साथ ही मां दुर्गा की विशेष कृपा बनी भी रहती है और भक्तों की मनोकामना पूरी होती है शारदीय नवरात्रि की पुजा सबसे पहले किसने की यह माना जाता है कि शारदीय नवरात्रि की शुरुआत भगवान राम ने की थी भगवान राम ने सबसे पहले समुद्र के किनारे शारदीय नवरात्रों की पूजा की शुरुआत की थी श्री राम ने लगातार 9 दिनों तक शक्त‍ि की देवी दुर्गा की पूजा की थी जिसके बाद माता दुर्गा ने श्री राम को शक्ति का वरदान भी दिया थी तब जाकर उन्होंने लंका पर जीत हासिल की थी।

यही कारण है कि शारदीय नवरात्रों में नौ दिनों तक दुर्गा मां की पूजा के बाद दसवें दिन दशहरा मनाया जाता है माना जाता है कि अधर्म की धर्म पर जीत, असत्‍य की सत्‍य पर जीत के लिए दसवें दिन दशहरा मनाते हैं।

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