मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया एम.के.पी. पीजी काॅलेज में 75वीं वर्षगाँठ पर आयोजित स्वाधीनता समारोह का उद्घाटन

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को एम.के.पी. पीजी काॅलेज में भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं वर्षगाँठ पर आयोजित स्वाधीनता समारोह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एमकेपी कॉलेज में शौर्य दीवार का भी लोकार्पण किया। इस दीवार पर देश के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले महान शहीदों, परमवीर चक्र विजेताओं की तस्वीरों को प्रदर्शित किया गया है। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने भारत छोडो आंदोलन और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि लम्बे संघर्ष, त्याग और बलिदान से भारत को आजादी मिली है।

उन्होंने कहा कि भारत वर्ष ने कभी भी दासता स्वीकार नही की। भारत का इतिहास दासता का इतिहास नही बल्कि आजादी के लिए संघर्ष का इतिहास रहा है। भारत का इतिहास लिखने वाले कुछ लेखको की मानसिकता राष्ट्रवादी नही थी, जिसके कारण क्रांतिकारियों और शहीदों को कभी विद्रोही तो कभी आतंकवादी कहा गया। देश के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वालों को पथभ्रष्ट देशभक्त तक कहा गया।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने पिछले कुछ दिनों के अन्तराल पर शहीद हुए उत्तराखण्ड के दो सपूतों मेजर कमलेश पाण्डे और शहीद पवन सिंह सुगड़ा को श्रद्धांजलि दी। उन्होने कहा कि सीमा पर चीन और पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नही आ रहे है। आज देश सैन्य शक्ति में बहुत मजबूत है। देश के युवा को आज देशभक्ति की भावना के साथ देश के लिए जीने की जरूरत है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री धन सिंह रावत, विधायक श्री खजान दास, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री अजय भट्ट ने भी समारोह को संबोधित किया।

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