सावन में क्यों खास में शिव की आराधना Sawan 2017 start sawan aaya hai. Sawan shivratri 2017

सावन में क्यों खास में शिव की आराधना Sawan 2017 start date IS 10 JULY 2017.Wish your friends on this Sawan 2017 because sawan aaya hai. Sawan shivratri 2017 is start now and All Shiv devotes are celebrating this Sawan 2017.
भोले संकर भगवान के रूप का सच सावन में जरूर देखा जाता है यही वजह है की सावन में शिव भक्तो का गंगा जल लाकर शिव के शिवलिंग में चढ़ाये जाने का भी अपना ही भक्ति उत्साह देखने को मिलता है हरिद्वार में शिव भक्तो का गंगा जल लाने के लिए उमड़ जाने वाला जोश कावड़ यात्रा के रूप में देखा जा सकता है करोड़ो की संख्या में शिव भक्तो का आस्था पथ भोले नाथ के जयकारो से गुज जाता है शिवालयों में शिव की पूजा किया जाने के लिए शिव भक्तो की भीड़ उमड़ जाती है क्या आप को पता है की इस बार सावन में क्यों खास है शिव की आराधना
आमतौर पर सावन में चार सोमवार ही पड़ते हैं, लेकिन इस बार भगवान शिव के प्रिय मास सावन में पांच सोमवार पड़ रहे है। खास बात यह कि सोमवार से इस माह की शुरुआत हो रही और समापन भी सोमवार को ही होगा, यह काफी शुभ है।
कर्मकांड के विद्वानों  के मुताबिक सावन की शुरुआत 10 जुलाई से होगी और 7 अगस्त को रक्षाबंधन यानि सावन पूर्णिमा है। इनका दावा है कि इस बार के सावन में 50 साल बाद विशेष संयोग बन रहा है।
पंडित जी बताते हैं कि काफी सालों बाद इस बार सावन मास में पांच सोमवार है। खास बात यह कि वैधृति योग के साथ सावन प्रारंभ हो रहा है और आयुष्मान योग के साथ इस मास की समाप्ति होगी। सोमवार, सावन मास, वैधृति योग व आयुष्मान योग सभी के मालिक स्वत: शिव ही हैं। इसी वजह से इस बार का सावन खास है। पुराणों के अनुसार सावन में भगवान शिव की पूजा, अभिषेक, स्तुति, मंत्र जाप का खास महत्व है।
खासकर सोमवार के दिन महादेव की आराधना से शिव और शक्ति दोनो प्रसन्न होते हैं। इनकी कृपा से दैविक, दैहिक और भौतिक कष्टो से मुक्ति मिलती है। निर्धन को धन और नि:संतान को संतान की प्राप्ति होती है। कुंवारी कन्याओ को मनचाहा वर मिलता है। बाबा भोले की पूजा से भाग्य पलट सकता है।
शिव भक्तो का उमड़ पड़ा भक्ति सैलाब हरिद्वार से लेकर नीलकंठ मंदिर के साथ साथ सभी शिवालयों में देखा गया शिव के भक्तो ने पहले  सोमवार को लेकर नीलकंठ में जल चढ़ाया  

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