कैसे हे आधुनिक तकनीक फायदेमंद निर्माण कार्यों में

निर्माण कार्यों में आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जाए। जिससे प्राप्त बजट के सापेक्ष 15 से 20 प्रतिशत अधिक निर्माण कार्य हो सके। यह निर्देश मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को सचिवालय में आयोजित लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि नई तकनीक का प्रयोग पहले कम क्षेत्र में ट्रायल बेस पर किया जाए। आधुनिक तकनीक के प्रयोग के साथ पारदर्शिता एवं गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने कहा कि वर्षाकाल के दृष्टिगत यह सुनिश्चित किया जाए की मुख्य मार्ग खुले रहे।

यदि बारिश के कारण सड़क बाधित हो तो समय पर खुल जाए। निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए अपर मुख्य सचिव को अंतर्विभागीय निष्पादन हेतु मामलों को ऑनलाइन करने के लिए जल संस्थान, विद्युत, वन विभाग, राजस्व विभाग एवं लोक निर्माण विभाग की अन्तर्समन्वय बैठक करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को 149.95 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले 440 मीटर डोबराचांठी भारी वाहन झूला पुल को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

 इसके अलावा 132 पुल, 13 बाईपास बनने हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा ऋषिकेश से रूद्रप्रयाग तक 140 किमी, धरासू से यमुनोत्री 95 किमी, रूद्रप्रयाग से गौरीकुण्ड तक 76 किमी एवं टनकपुर से पिथोरागढ़ 150 किमी पर आॅल वेदर रोड के तहत कार्य किया जाना है। बी.आर.ओ. द्वारा रूद्रप्रयाग से माणा तक 160 किमी पर कार्य किया जाना है। जबकि पी.आई.यू द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग 94 पर धरासू से गंगोत्री तक 124 किमी की दूरी पर आॅल वेदर रोड के तहत कार्य किया जाना है। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री ओमप्रकाश, प्रमुख अभियन्ता लोक निर्माण विभाग श्री एच.के.उप्रेती, अपर सचिव श्री मेहरबान सिंह बिष्ट, लोक निर्माण विभाग एवं एन.एच. के अधिकारी उपस्थित थे।

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