उत्तराखंड सरकार हनीमून पीरियड में, जीरो टॉलरेंस खटीमा रंगदारी Uttarakhand Government Honeymoon Period

उत्तराखंड सरकार हनीमून पीरियड में, जीरो टॉलरेंस खटीमा रंगदारी Uttarakhand Government Honeymoon Period :- खटीमा का रंगदारी प्रकरण भले ही विधानसभा में सत्ता की धमक को लेकर छापेमारी को लेकर गुजा हो लेकिन भाजपा सरकार में इस तरह के कारनामे ने सरकार के जीरो टॉलरेंस की हवा निकल कर रख दी है। सत्ता में भाजपा की उत्तराखंड सरकार अभी हनीमून पीरियड में चल रही है बहुमत के आंकड़े का विशाल पहाड़ जैसा विधानसभा में सदस्यों की मौजूदगी होने के बाद भी उत्तराखंड में भाजपा की सरकार के मुख्यमंत्री अपने मंत्री मंडल दो मंत्री पुरे नहीं कर सके है।

खटीमा के रंगदारी मामले ने तो भाजपा के ईमानदारी के नकाब को उतार कर बेनकाब कर दिया है इस मामले को लेकर भाजपा के खटीमा विधायक पुष्कर सिंह धामी कई मंत्री दरबारों से लेकर विधायकों और मीडिया को सफाई देते भी नज़र आये। इस के पीछे वजह क्या रही ये तो नहीं पता चल पाया लेकिन कही न कही इस मामले में उनके तार जुड़े होने की तरफ भी इशारा मिलता नज़र आया है खटीमा के रंगदारी मामले में एक मंत्री का नाम भी लिया जा रहा है लेकिन ये मामले सरकार ने किसी तरह टालने में ही अपनी सरकार की हवा निकाले जाने से बचा ली है।

उत्तराखड में भाजपा को मोदी मैजिक के बाद सत्ता की कुर्सी का सुख तो नसीब हो गया लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के मुकाबले उत्तराखंड मुख्यमंत्री पूरी तरह कमजोर साबित हो रहे है नीतिगत फैसलों को लेना तो दूर उत्तराखंड में शराब बंदी को लेकर विरोध कर रही जनता को भी नजर अंदाज़ कर दिया गया है। यही वजह रही की राज्य की जनता शराब बंदी को लेकर विरोध करती रही लेकिन भाजपा सरकार ने जनता के विरोध को किनारे रख कर शराब माफियाओ के रास्तो को खोलने का काम किया है।

उत्तराखंड की भाजपा  सरकार अपने अभी तक के कार्यकाल में कोई ऐसा जनता से जुड़ा हुआ फैसला नहीं ले पायी जिस को लेकर जनता का विस्वाश सरकार पर कायम होता हो इस के आलावा भाजपा सरकार राज्य में मिलने वाले राशन के दामों को महगा कर चुकी है। जिस को लेकर जनता के बीच नाराजगी भी देखि जा रही है जो ये बताने के लिए काफी है की राज्य में भाजपा की सरकार के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के पास कोई विजन नहीं है। 

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